घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना-Ghar banate Waqt Cover Block Lagana Bhul Na Jana
घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना -Ghar banate Waqt Cover Block Lagana Bhul Na Jana...
ये एक ऐसा विषय है जो हर घर बनाने वाले, इंजीनियर, ठेकेदार और मिस्त्री के लिए बेहद जरूरी है। कवर ब्लॉक न केवल स्ट्रक्चर की मजबूती बढ़ाता है बल्कि घर की लाइफ और सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
- कवर ब्लॉक क्या है?
कवर ब्लॉक आमतौर पर छोटा कंक्रीट या प्लास्टिक ब्लॉक होता है जिसे स्टील रॉड्स (सरिया) और शटरिंग के बीच में लगाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरिया और कंक्रीट के बीच एक निश्चित दूरी (क्लियर कवर) बनाए रखना होता है ताकि सरिया सीधा शटरिंग से टच न करे और पूरी तरह कंक्रीट से ढका रहे। अगर "घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना"तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है।2. कवर ब्लॉक लगाने के मुख्य कारण
- सरिया को जंग लगने से बचाना: यदि कवर ब्लॉक नहीं लगाया गया, तो सरिया सीधा हवा और नमी के संपर्क में आ सकता है जिससे जंग लगने का खतरा रहता है।
- फायर प्रोटेक्शन: कवर ब्लॉक सरिया को तापमान या आग लगने की स्थिति में सुरक्षा देता है।
- स्ट्रक्चरल मजबूती: कवर ब्लॉक सही क्लीयरेंस देता है जिससे स्ट्रक्चर लोड सही से ट्रांसफर होता है और घर ज्यादा मजबूत रहता है।
- ड्यूरिबिलिटी: सरिया का कंक्रीट कवर होना उसकी लाइफ बढ़ाता है, जिससे घर सालों तक मजबूत रहता है।
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3. तकनीकी कैलकुलेशन और IS कोड के अनुसार
भारतीय मानक IS 456:2000 के अनुसार विभिन्न स्ट्रक्चरल एलिमेंट्स में क्लियर कवर इस प्रकार होना चाहिए| स्ट्रक्चर एलिमेंट | कवर ब्लॉक थिकनेस (मिन.)
| स्लैब (छत) | 15-20 mm |
| बीम | 25 mm |
| कॉलम/पिलर | 40 mm |
| फुटिंग (फाउंडेशन) | 50 mm तक |
"घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना" क्योंकि सही कवर न देने से स्ट्रक्चर की लाइफ और सेफ्टी दोनों खतरे में आ जाती हैं।
अगर किसी ने छत ढलाई के वक्त कवर ब्लॉक नहीं लगाए, तो सरिया सीधे शटरिंग से चिपक गया। ढलाई के बाद नीचे से सरिया दिखाई देने लगा और कुछ वर्षों में सरिया में जंग लग गई। ऐसे में स्ट्रक्चर कमजोर हो गया वहीं जिन घरों में कवर ब्लॉक ठीक तरीके से लगाए गए, उनका स्ट्रक्चर सालों बाद भी मजबूत रहा।
ध्यान रखें, कवर ब्लॉक स्टैंडर्ड साइज का हो और लोड सहन कर सके।
4. कवर ब्लॉक लगाने की सही विधि
- स्लैब (छत) में हर एक मीटर या 3 फीट पर 20 mm के कवर ब्लॉक लगाने चाहिए।
- बीम में 25 mm, कॉलम में 40 mm, और फाउंडेशन में 50 mm के कवर ब्लॉक जरूरी हैं।
- अगर प्लास्टिक कवर ब्लॉक उपलब्ध नहीं है तो कंक्रीट के कवर ब्लॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- कवर ब्लॉक लगाने में लापरवाही, भविष्य में सीमेंट की परत टूटने, सरिया दिखने या कमजोर स्ट्रक्चर का कारण बन सकती है।
5. कवर ब्लॉक न लगाने के नुकसान
"घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना" क्योंकि इसके ये नुकसान हो सकते हैं- सरिया के चारों ओर कंक्रीट नहीं जाएगा, जिससे उसमें लंबी दरारें आने लगती हैं।
- स्ट्रक्चर की मजबूती कम हो जाती है, और रिसाव या सीपेज की प्रॉब्लम हो जाती है।
- सरिया जल्दी-जंग खा जाता है।
- घर का जीवन और सुरक्षा दोनों घट जाते हैं।
6. कवर ब्लॉक की गणना (Calculation)
जैसे, यदि स्लैब का एरिया 100 वर्ग मीटर है और प्रत्येक 1 मीटर पर कवर ब्लॉक चाहिए, तो कम से कम 100 कवर ब्लॉक की आवश्यकता होगी।- स्लैब: 1 मीटर ग्रिड पर कवर ब्लॉक की गिनती = स्लैब एरिया / (कवर ब्लॉक फिक्सिंग डिस्टेंस)²।
- बीम: हर 1 मीटर पर 2 कवर ब्लॉक, दोनों साइड लगाने चाहिए।
- पिलर: आमतौर पर, चारों साइड में हर 40-50 सेमी के अंतर पर कवर ब्लॉक लगाने चाहिए।
अगर किसी ने छत ढलाई के वक्त कवर ब्लॉक नहीं लगाए, तो सरिया सीधे शटरिंग से चिपक गया। ढलाई के बाद नीचे से सरिया दिखाई देने लगा और कुछ वर्षों में सरिया में जंग लग गई। ऐसे में स्ट्रक्चर कमजोर हो गया वहीं जिन घरों में कवर ब्लॉक ठीक तरीके से लगाए गए, उनका स्ट्रक्चर सालों बाद भी मजबूत रहा।
7. कवर ब्लॉक कौन सा लें?
प्लास्टिक कवर ब्लॉक वाटरप्रूफ और हल्के होते हैं, लेकिन सस्ते में अच्छे कंक्रीट कवर ब्लॉक भी उपलब्ध हैं।ध्यान रखें, कवर ब्लॉक स्टैंडर्ड साइज का हो और लोड सहन कर सके।
निष्कर्ष Conclusion
"घर बनाते वक़्त कवर ब्लॉक लगाना भूल ना जाना" – यह हर कारीगर, इंजीनियर, ठेकेदार और घर मालिक को याद रखना चाहिए। ये एक बेहद छोटा स्टेप है, लेकिन घर की लाइफ और मजबूती के लिए सबसे जरूरी है। सही साइज़ और पर्याप्त मात्रा में कवर ब्लॉक का इस्तेमाल करके एक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ घर सुनिश्चित किया जा सकता है।FAQ




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